Monday, 7 February 2011

क्या होली करणी ? (गढवाली शायरी)

कुंगळी, कुळमुली, कळबळी, कळछडी..
कन कुजांणी कख क्या होली करणी ?..
मन मयाळु मायादार मयाळी..♥♥♥....
मन मन मा होळी मुळ-मुळ मुस्काणी..!

७ फ़रवरी २०११ @ २२:२६
 सर्वाधिकार सुरक्षित @ विनोद जेठुडी