Wednesday, 3 November 2010

शूभ:बग्वाल


साल भर बटी होन्दी जैकी जग्वाल,
बौडी येगे आज फिर बग्वाल...!
खूशी और प्रेम कू यू त्यौहार..
हो सूख:शान्ति और प्रेम की बहार..!!
आप सभीयो तै शूभ:बग्वाल..
शूभ:बग्वाल, शूभ:बग्वाल !!! 

Copyright © 2010 Vinod Jethuri