Thursday, 15 April 2010

होली त्यौहार के आमन्त्रण हेतु लिखी गयी कविता (हैपी होली)

होली कु रन्ग मा, रन्गूलू संसार..
आवा दगडियों जौला सभी बीच ममजार....
एक हैकु पर मरला सभी, पिचकारी कु धार...

मै भि जगा मै भी आणु, बीच ममजार....

सभी मनौला मिलीक, आवा ये तौहार....
अपणो सी दुरकू यू, चितेलू नी भार.....
सबसी भलू प्यारु अपणू होली कु त्यौहार...
चला दगडियो दगडियों जौला सभी बीच ममजार...


होली कु रन्ग मा, रन्गूलू संसार.. 
आवा दगडियों जौला सभी, बीच ममजार.... 
एक हैकु पर मरला सभी, पिचकारी कु धार... 
मै भि जगा मै भी आणु, बीच ममजार....

सभी मनौला मिलीक, आवा ये तौहार.... 
अपणो सी दुरकू यू, चितेलू नी भार..... 
सबसी भलू प्यारु अपणू, होली कु त्यौहार... 
आवा दगडियो जौला सभी बीच ममजार...

रंग-रंगीली होली, प्यारी होलीकु त्यौहार 
सभियों कु जीवन मा हो, खुशियों कु बहार....
हंसी-खुसी रौला मिली, दुर समुद्र पार..
होली खिलणू अंया सभी, बीच ममजार...

क्वी दिखणु गदन वार, क्वी तकणू पार.... 
तुमही बुला ! ईन मा कभी, हवायी क्या भल्यार ?
तुम भी अया हो जरुर, लग्या रौला सार.....
मिली जुली कि बणौला यख, छोटु सी पहाड.....

होली खिलणू अंया सभी, बीच ममजार...
आवा दगडियो जौला सभी बीच ममजार... 

26 फ़रवरी 2010 को होली का त्यौहार उत्तरान्चली येसोसियेसल आफ़ ईमिरात परिवार के सदस्यों द्वारा ममजार बिच दुबई मे मनाया गया..



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